Thursday, 20 August 2009

बारिश का बवाल

किसानों ने पिछले साल की पूरी फसल बेच दी। अब खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। बारिश हुई नहीं है। धन के बीज सूख रहे हैं। इस बार खाद्यानों के दाम भी आसमान छूने वाले हैं। न पैसे बचे हैं। न इस बार कमाई होने वाली हैं। न जाने क्या होगा?

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