Thursday, 27 August 2009

लाल शर्ट का चक्कर

एक शहर से दूसरे शहर। चिकनी सड़क।
अरे यह क्या! सामने बीच सड़क पर पुलिस की टुकडी।
रुकने का इशारा।
"क्या इन्हें लिफ्ट चाहिए।"

इंसपेक्टर: "हाँ सर, यह फलां फलां नम्बर की सूमो गाड़ी है।""जी जी, लाल शर्ट पहने हुए है।"
ड्राईवर: "क्या बात है इंसपेक्टर साब, क्यों रोका है हमें?"
इंसपेक्टर: "जी सर, लाल शर्ट अ उसपे छीत है उजला रंग का."
हवालदार: "सर धारी।"
इंसपेक्टर: "जी जी सर, लाल शर्ट अ उजला धरी है उसपर।"
ड्राईवर: "क्या बात है सर।"
इंसपेक्टर: "गाड़ी साइड में लगाए।"

गाड़ी साइड में।इंसपेक्टर साहब फ़ोन पर। इंतज़ार। २० मिनट बाद।
इंसपेक्टर: "जा सकते हैं आपलोग।"
ड्राईवर: "बात क्या हो गई साहब?"
इंसपेक्टर: "कुछ नहीं। जाइए।"

बिना कारण रुके। बिना कारण चले।

वह रे मेरे लाल शर्ट......

No comments:

Post a Comment