Friday, 18 September 2009

बी डी ओ साहब

पतली सड़क। सामने से आता ट्रक।
सड़क के एक तरफ़ एक टाटा सूमो लगी हुई है। लाल बत्ती के साथ।
लिखा है।
नगर विकास पदाधिकारी।

ट्रैफिक रुक गया। आने जाने की जगह नहीं है।
"अरे भाई कोई पदाधिकारी साहब की गाड़ी को हटाओ।"

गाड़ी के पास बैठे आदमी से पूछने पर वो गाड़ी के यात्रियों के बारे में अनिभिग्यता प्रकट करता है।
"अरे भाई आइसे कैसे काम चलेगा।" "कब तक रुके रहेंगे हम।"

बी डी ओ साहब आते हैं। अनिभिग्यता प्रकट करने वाला व्यक्ति ड्राईवर की सीट में बैठता है।

यही हैं हमारे विकास पदाधिकारी।

वकील साहब, "अरे साहब, यह प्रखंड विकास पदाधिकारी नहीं हैं। ये हैं प्रखंड विनाश पदाधिकारी।"

No comments:

Post a Comment