Sunday, 4 October 2009

हैप्पी बर्थडे पापाजी

अभी कुछ दिनों पहले 'पापाजी' का जन्मदिन था। आप लोग शायद उन्हें राष्ट्रपिता के नाम से जानते होंगे।

क्या कहा आपने? कैसी रही बर्थडे पार्टी?
भाई साहब मेरे लिए तो पार्टी मस्त रही। दिन भर 'पापाजी को याद किया, उनके रास्ते पर चला।
और मुझे यकीन है की मेरे बाकी भाइयों ने भी येही किया होगा।

क्या कहा आपने? लेकिन किया क्या?
बताता हूँ।

सुबह देर से उठा। जैसा 'पापाजी' कहते थे। (भाई साहब छुट्टी किस लिए होती है)
१२ बजे तक ब्रश किया और फिर नाश्ता, बिना नहाए। जैसा 'पापाजी' कहते थे।
फिर कंप्यूटर पर अंग्रेज़ी सनेमा देखा। पता नहीं 'पापाजी' ऐसा कहते थे या नहीं।
और फिर दोपहर मैं सो गया। शाम तक कोई काम नहीं किया। जैसा 'पापाजी' कहते थे।
रात मैं घर पर नॉन भेज बना था। उसका आनंद लिया। जैसा की 'पापाजी' कहते थे।

तो जैसा मैंने कहा था साहब। सुबह से शाम था बस उनकी बताई राह पर चला।

और मुझे यकीन सा है की मेरे बाकी भाइयों ने भी ऐसा ही किया होगा। (भाई साहब आख़िर छुट्टी होती किस लिए है)

जय हो 'पापाजी' की। 'पापाजी' अमर रहें।

*वैसे सुना है हमारे नेताओं ने भी बड़े अच्छे से बर्थडे मनाया पापाजी का। लेकिन उनकी बात अगली बार।

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