Wednesday, 28 October 2009

सिविल सर्विस का चमत्कार

अजब दुनिया का गजब स्टाइल है।

राकेश हो गया "राकेश जी"

किशोरी हो गया "किशोरी जी"

बेचारा राम तो राम ही रह गया, "राम जी" न हो पाया।

राकेश और किशोरी पहले "तुम" हुआ करते थे। अब वोह "आप" हो गए हैं।

बेचारा राम तो "तुम" ही रह गया।

हुआ क्या?

कुछ ख़ास नहीं साहब।
राकेश, किशोरी और राम एक ही कालोनी के रहने वाले हैं। साथ ही स्कूल में थे।

आज राकेश और किशोरी आई ए एस और आई पी एस अफसर हैं।
बेचारा राम तो बस इंजिनियर ही बन पाया। कमाता राकेश और किशोरी से शायद ज्यादा है लेकिन बेचारा न "जी" बन पाया न ही "आप"।

वैसे आपको बता दूँ की यह आप कहने वाले लोग कोई बहार के नहीं हैं। अपने ही घर के लोग, रिश्तेदार, दोस्त, मुहीम, जो पहले "तुम" कहा करते थे वोह अब "आप का प्रयोग करते हैं। मैं भी .........

अजब दुनिया तेरा गजब स्टाइल

2 comments:

  1. पद, पैसा और ताकत.....
    तीनों को सलाम...
    करता सारा हिन्दुस्तान.

    -मेरा भारत महान-

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  2. @ उड़न तश्तरी: वह साहब मेरी इतनी बड़ी पोस्ट को आपने बड़ी खूबसूरती से ४ लाइन में समेट दिया

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