Wednesday, 28 October 2009

पंजे से गंजा

कुछ दिन पहले....

शाम में ऑफिस से निकला। सामने सरसराता हुआ एक गाड़ियों का काफिला निकला।
गाड़ियों पर झंडे, पोस्टर और न जाने क्या क्या। हवा को चीरती हुई लाउडस्पीकर की आवाज़।

दरअसल उन दिनों हरियाणा में चुनाव का प्रचार चल रहा था।

सामने से निकलते काफिले के लाउडस्पीकर से बार बार आवाज़ आ रही थी।
"पंजे के निशान पर मुहर लगाए,
कां....स को विजय बनाएं"

मैंने पहले सुना था कि कां....स का चुनाव चिन्ह हाथ है।
लोग कहते थे
"कां....स का हाथ, गरीबों के साथ।"

पर ये पंजा।
फिर तो एक ही पासीबीलीटी है।
"कां....स का पंजा, गरीबों को करे गंजा।"

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