Thursday, 19 November 2009

प्रेसर जो न करवाए

आज कल लोग प्रेसर में क्या क्या नहीं करते?

चिंटू के प्रेसर में न चाहते हुए भी पापा को उसे सनेमा दिखाने ले जाना पड़ता है।
पापा के प्रेसर में संगीत की शिक्षा प्राप्त करने की इक्षा रकने वाले चिंटू को इंजिनियर बनना पड़ता है।

लोगों के प्रेसर में नेताजी को संसद रोकना पड़ता है।
नेताजी के गुंडों के प्रेसर में आके लोगों को नेताजी को वोट देना पड़ता है।

शराब के प्रेसर में आके जीतेंद्र को गाड़ी तेज़ चलानी पड़ती है।
गाड़ी के प्रेसर में आके शराब से धुत्त जीतेंद्र की सड़क पे जान चली जाती है।

बॉस के प्रेसर में आके राहुल को टेंशन हो जाता है।
टेंशन के प्रेसर में आके राहुल का बॉस से झगड़ा हो जाता है।

लड़के वालों के प्रेसर में आके लड़की वालों को ज़मीन बेच के दहेज़ पूरा करना पड़ता है।
लड़की के प्रेसर में आके लड़के को अपने घर वालों से अलग होना पड़ता है।


साहब इतना कुछ करते हैं लोग प्रेसर में.......

और हम बेचारे तो बस प्रेसर में, सड़क के किनारे, दीवाल के पीछे, पेड़ के बगल में
सुसु ही तो करते हैं.......

साहब प्रेसर होता ही है ऐसा। क्या क्या नहीं करवाता है आदमी से।

1 comment: