Tuesday, 23 February 2010

भावी प्रोजेक्ट मेनेजर

आपको पता ही है। रजनीश 'देश की, देश में' एक सब से बड़ी बहुराष्ट्रिये कंपनी में काम करता है।
जब उसने कंपनी जब ज्वाइन की थी तब कंपनी दंतमंजन का नया बिजनेस शुरू कर रही थी। उससे कहा गया की जाओ ये नयी जगह है, यहाँ दंतमंजन का काम कैसे कब कहाँ शुरू किया जाए पता करो।
खैर, जो काम कहा गया वो पूरा किया रजनीश ने। उसे कहा गया की कंपनी चाहेगी की रजनीश आगे चल के इस दंतमंजन के प्रोजेक्ट का 'प्रोजेक्ट मेनेजर' बने (भावी प्रोजेक्ट मेनेजर)। काफी ख़ुशी हुई। फ्यूचर परफैक्ट।

दंतमंजन के काम पर विचार चल रहा है। काम अभी रुका हुआ है।
रजनीश का क्या किया जाए? चलो तब तक तुम हमारे साबुन वाले बिज़नस पर काम करो।
ठीक है साहब। जो काम मिला मेहनत और निष्ठा से करें।
साबुन का काम करते करते रजनीश उसे आचे से सीख गया।

अब हम दंतमंजन का काम फिर से शुरू कर रहे हैं। तुम्हारी उसमें बहुत ज़रुरत है क्योंकि तुमने ही उसमें काम किया है और तुम आगे भी कर सकते हो।
रजनीश नया था उससमय कोरपोरेट दुनिया में। असमंजस की स्थिति। साबुन पर काम करूँ या दंतमंजन पर। साबुन का काम अच्छे से जानता हूँ। आगे अच्छा काम कर सकता हूँ। लेकिन दंतमंजन का काम बड़ा ज़रूरी है और भविष्य में बड़ा हो सकता है। कैसे लें फैसला।
लोगों ने कहा, तुम ही उस इलाके में दंतमंजन का काम जानते हो। आगे चल के तुम्हें 'प्रोजेक्ट मेनेजर' (भावी प्रोजेक्ट मेनेजर) बना देंगे। फ्यूचर परफेक्ट।
चुन लिया दंतमंजन को, साबुन छोड़ कर (आज भले पछतावा हो)।

दंतमंजन का काम बड़ा हो रहा है। टीम बड़ी हो रही है। नए लोग आये। ज़ाहिर सी बात है, रजनीश के ऊपर (कोरपोरेट दुनिया का रिवाज़)। वो बने 'प्रोजेक्ट मेनेजर'।
रजनीश का काम। जाओ देखो कहाँ, कैसे, कब दंतमंजन का काम हो सकता है।

खैर कुछ दिनों पहले किसी ने कहा की तुम हो दंतमंजन के 'भावी प्रोजेक्ट मेनेजर'।

तो अचानक रजनीश हो एहसास हुआ और उसने कहा।
'नहीं नहीं ये कोई नयी बात नहीं है। में पिछले 5 साल से 'भावी प्रोजेक्ट मेनेजर' हूँ और वही रहूँगा। तो आप कोई नयी बात बताएं मुझे।' अभी तो मेरा है 'फ्यूचर परफेक्ट'।


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