Sunday, 5 September 2010

स्कूटी वाली रानी - २

आपको याद हो शायद, कुछ माह पहले मैंने स्कूटी वाली रानी की चर्चा की थी। जी वही स्कूटी वाली रानी जिनको मैंने अपने 'पक्के मर्द' मोटर साइकिल से पछाड़ने की बड़ी कोशिश की थी परन्तु बारम बार वो मेरे बगल से ज़ूउउउउउउउउउउउउउम कर के निकल जाती थी। उस वक्त ये विचार कई लोगों ने व्यक्त किया था की आज देश में झाँसी की रानियों की संख्या बढती जा रही है।

जी तो वही विचार मेरे मस्तिस्क में कौंध रहा था की उस दिन अचानक 'स्कूटी वाली रानी- २' से मुलाक़ात हुई। हमारे ऑफिस के बाहर खुली पार्किंग है मोटर साइकिल के लिए (जैसा की गुडगाँव के हर शानदार ऑफिस के बहार है)। वहीँ मैं रोज़ ऑफिस आते हुए और कभी अभी ऑफिस से जाते हुए अपने 'पक्की मर्द' के पास लगी एक अदना स्कूटी को देख कर मंद मंद मुस्काता था। लेकिन साथ ही साथ उस 'स्कूटी वाली रानी- १' को याद कर कर के सकते में भी आजाता था। लेकिन फिर सोचता ' हर लड़की में वो दम कहाँ।' 'हर लड़की स्कूटी वाली रानी थोड़े बन जायेगी'।

खैर, उस दिन जब ऑफिस से निकला तो उस देखा उस 'अदना स्कूटी' की मालकिन स्कूटी निकाल रही थी। में भी अपनी 'पक्की मर्द' ले कर घर की ओर निकल रहा था। खैर जो मैं करने की हिमात नहीं करता वो किसी लड़की कर पाए इसकी उम्मीद नहीं रखता (अहम्)। खैर मैंने देखा स्कूटी और रानी दोनों को उसी ओर जाना था जिस ओर मैं जाता हूँ। परन्तु जिस दिशा में जाने की आवश्यकता है उसके लिए थोड़ी दूर आगे से जाके यू-टार्न लेना पड़ता है। यही करता हूँ में रोज़।

उस दिन उस झांसी की रानी को देख कर में दांग रह गया। उसने अपनी स्कूटी के कान मरोरे और ट्राफिक से नज़रें लड़ाते उलटी दिशा में चल पड़ी। यू-टार्न लेने की ज़हमत नहीं की उसने और ज़माने से उल्टा चलने की हिम्मत की उसने। भले ही ये खतरनाक हो, भले ही ये नियमों के खिलाफ हो, भले ही मर्द ये करने की हिमात न करते हों। पर उसे क्या? वो तो आई ही है ज़माने से अलग चलने, नियमों को बदलने। तभी तो है वो झांसी की रानी का नया रूप, 'स्कूटी वाली रानी'।

मैंने आज तक ट्राफिक से उल्टा चलने की हिम्मत नहीं की है। परन्तु उस दिन उस रानी को देख कर ऐसा लगा जैसे वो कह रही हो 'यही है तुमारी मर्दानगी, यही है तुम्हारा पौरुष।' जैसे उसकी स्कूटी मुझसे कह रही हो ' बड़ा मुस्कुराते थे मुझे अदना समझ कर, अब कौन है अदना?'

खैर आज तक मैं ट्राफिक से उल्टा चलने की हिमात नहीं कर पाया हूँ और न शायद कर पाऊँगा।

पर कभी उससे बात हुई तो बस इतना कहना चाहूँगा
भारतिय नारी तुझे सलाम ...........

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