Monday, 6 June 2011

पोटली बाबा की

सुना है आज कल 'बाबा' लोग बड़े हिट हैं। कुछ देश को हिला रहे हैं, कुछ सरकार को हिला रहे हैं और कुछ हिलाने वालों को हिला रहे हैं।
एक 'बाबा' रावणलीला मैदान में बैठ के देश को और सरकार को हिला दिए। उनको तो अब आप सब जानते हैं। पहले पूरे देश को योग का रोग लगाया। अब भ्रष्टाचार का रोग देश से मिटाने में लगे हुए हैं। अब शायद ये देश साधुवाद से ही सुधर पाए।
एक और 'बाबा' हैं। जो सत्तारूढ़ पार्टी के हैं। नाम है उनका विजय 'जिंग'। उनको उनकी पार्टी ने खुल्ला छोड़ रखा है। कोई भी मुद्दा उठे तो उनका काम है जनता को भटकाना और 'जिंग' (सनसनी) फैलाना। आज सुबह को रावणलीला मैदान वाले बाबा कि सराहना कर रहे थे, उनको धोखेबाज़, मक्कार इत्यादि कह कर। जी ये वही 'जिंग' बाबा हैं जिन्होंने ओसामा बिन लादिन की मृत्यु पर चिंतन करते हुए उसे 'ओसामा जी' कह कर संबोधित किया था। आप में से जो लोग मिस कर गए हों,वो गूगल देवता की अराधना कर के इस 'ओसामा जी' प्रकरण का ज्ञान ले सकते हैं।
जी ये बना महान हैं। इनकी बातों के कोई सर या पैर नहीं होते पर पार्टी का काम चुपके से कर जाते हैं।
एक तीसरे 'बाबा' हैं। जो सरकार का हिस्सा हैं। काफी बड़े नेता हैं, और उससे भी बड़े वकील (अंग्रेजी में लायर भी कहते हैं)। ये 'बाबा' खुद को खानों में खान (तीसमार खान) समझते हैं। जब भी टीवी पर आते हैं तो मंद मंद मुस्काते हैं, जैसे इशारे से कह रहे हों 'मैं तुमसे (और बाकि सबों) से कहीं ज्यादा समझदार हूँ, तभी तो मैं यहाँ हूँ और तुम वहां।' दलीलें ऐसी देते हैं जैसे कोर्ट में बैठे हों। शायद भूल जाते हैं की जनता की अदालत में उनकी दलीले नहीं चलती। ये जो पब्लिक है ये सब जानती है। कभी कभी ये हँसते भी हैं टीवी पर उस बच्चे की तरह जिसके पास लोलीपाप हो और बाकी बच्चों का मज़ाक उड़ा रहा हो वो। ये 'बाबा' कभी कभी गुंडागर्दी भी करते हैं। हक है उनका। नेता तो हैं ही और सरकार में भी है। अभी बेचारे योगी 'बाबा' और उनके साथ बेचारे शांति प्रिय गरीबों को भी पीट दिया, वो भी आधी रात को सोते हुए। और सुबह तन के बोले जो किया सही किया। बढ़िया है भाई। आपका राज है। जो मन में आए करिए।

तो जामाना तो 'बाबाओं' का ही है। हर बाबा के पास है एक 'पोटली'। किसी की पोटली में देश की समस्याओं का इलाज है, किसी की पोटली में देश को तोड़ने का नुस्खा। और किसी की पोटली में.......... जी नहीं देश के लिए कुछ नहीं है, बस है एक स्विस बैंक का अकाउंट।

आपको जो पसंद आए चल लीजिये उनके साथ। और कोई पसंद न आए तो मेरी तरह घर के एसी में बैठ के ज्ञान बांटिये। या फिर, एकला चलो रे ........

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