Thursday, 27 December 2012

संशोधन

19 दिसम्बर 2012 को मैंने एक पोस्ट लिखा था दिल्ली में हुए एक गैंग रेप के बारे में। इस जघन्य अपराध के बाद दिल्ली और दिल्ली वासियों में काफी रोष है। लोग अपराधियों के लिए फंसी की मांग कर रहे हैं। रोष मुझमें भी बहुत है। इसीलिए उस दिन मैंने एक पोस्ट लिख कर अपने विचार व्यक्त किये थे।

मैं इनलोगों के लिए फंसी कि सज़ा के खिलाफ हूँ। मुझे लगता है इनके लिए ये बहुत आसान सज़ा है। मेरा मत है कि  इनको उम्रकैद, यानी उम्र भर की कड़ी कैद मिलनी चाहिए। उस दिन मैंने कहा था कि इनको उम्र भर कि कैद होनी चाहिए न की 14 साल की। तब मेरी समझ थी कि भारत में उम्र कैद का अर्थ 14 साल होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा उम्र कैद के कैदियों को 14 साल बाद रिहा होते सुना है। खैर धन्यवाद रोहिताश जी का जिन्होंने मेरे एक पोस्ट पर कमेंट दे कर मुझे जागृत किया इस बारे में। उन्होंने बताया कि

"उम्रकैद का मतलब 14 साल नहीं होता। इसका मतलब होता है कि जब तक सांस है यानि आखरि सांस तक की कैद....1990 से आज तक कम से कम 4-5 बार सुप्रीम कोर्ट इस बात को स्पष्ट कर चुका है कि उम्रकैद का मतलब जब तक कैी जिंदा है उसे जेल में रखा जाएगा....औऱ 14 साल का मतलब है कि 14 साल से पहले उशकी रिहाई पर भी विचार नहीं किया जाएगा।"

मैंने भी फ़ौरन गूगल देव का आह्वाहन किया। थोड़ी छानबीन के बाद पता चला कि रोहताश जी 100% सही थे। अक्सर कोर्ट उम्र कैद कि सज़ा देते हैं परन्तु जेल नियमों के अनुसार उन्हें 14 साल बाद छूट मिल सकती है इसलिए शायद हमने अक्सर 14 साल बाद मुजरिमों को बरी होते देखा और सुना है। परन्तु कुछ मामलों में उच्चतम न्यायालय ने इस 14 साल की सीमा को बढ़ा कर 30 साल किया है। एक मामले में न्यायालय ने मृत्यु दंड को बदल के उम्र कैद किया परन्तु साथ में ये भी कहा कि मुजरिम की साड़ी उम्र जेल में कटेगी, बिना किसी छूट के।

तो उम्र भर के उम्र कैद हो सकती है और दी भी गई है। ये हमारे कानून में है। कोई संशोधन लाने की आवश्यकता नहीं लगती है। दिल्ली गैंग रेप मामले के जघन्य अपराधियों को उम्र भर की कैद मिलनी चाहिए। उम्र भर की कड़ी कैद। ताकि उनको और बाकि लोगों को हर पल एहसास हो इस अपराध का। पल पल वो उस एहसाह से गुजरें जो एहसास समाज रेप की पीड़ित को देता है। जो एहसास पीड़ित के लिए गलत है पर अपराधियों के लिए सही। 



2 comments:

  1. इसके अलावा कोई चारा भी नहीं है..मगर उम्रकैद की सजा बामशक्कत होनी चाहिए।

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