Thursday, 6 December 2012

संसद में सराबोर

कल दिन भर संसद की चर्चा में सराबोर रहा। काफी अच्छे भाषण सुने। कुछ नोक झोक देखी। कुछ का यलगार, कुछ का पलटवार देखे । कुछ मज़ा और कुछ ज्ञान पाया।

बोलते वक्त ज्यादा नेताओं और पार्टियों ने एटम बम फोड़े लेकिन मतदान के वक्त कुछ फिसफिसाते हुए संसद से निकल लिए। ऐसे फिसड्डी नेताओं ने संसद के बहार आके अपने बचाओ में कुछ छुरछुरियां छोड़ीं। सुनने में आया कि ये लोग धर्मनिरपेक्षता का झंडा उठाये घूम रहे थे। पर समझ में नहीं आया कि जिन किसानों या आम आदमियों की बुराई और भलाई कि बात हो रही थी उनका धर्मनिरपेक्षता से क्या रिश्ता?

एक मोहतरमा कुछ कह रहीं थीं। बीच में उनके ही राज्य के एक भाई साहब बोल पड़े। बस फिर क्या, दोनों में शुरू हो गई नोक झोक। नोक झोक मेरे ब्लॉग के नाम में बदल गई। इतने पर रुके नहीं, इससे भी बढ़े। याद आ गए अपने गाँव के टोले के वो झगड़े जहाँ औरत मर्द सब गली में निकल जाते हैं और लोक लाज भूल कल बातों का बतंगड़ बनाने लगते हैं। खैर, ये देख कर ख़ुशी हुई की हमारे सांसद भी हमारी ही तरह मिट्टी के बने हुए हैं, हमारे ही गांवों से आए हैं, हमारे ही टोले जैसे हैं। अपनापन फील करा दित्ता बाय गॉड।

हमारे इलाके के एक सांसद, जो पहले हमारे राज्य के मुखिया भी होते थे, भी बोले। बड़े मजाकिया किस्म के हैं बाय गॉड। हमेशा कुलबुलाते चुल्बुलाते रहते हैं। कल भी चुल्बुलाए। फिर कुछ साथी सांसदों, जिनका अंदाज़ चुटकट्टों जैसा था, ने उनपर कुछ छीटाकशी कर दी। बस कुलबुला गए। आनन् फानन में कुछ ऐसा कह दिया जो असंसदीय मान लिया गया। हो हल्ला शुरू। संसद 5 मिनट के लिए स्थगित। चुलबुल बाबू को माफ़ी मांगनी पड़ी, अपने शब्द खाने पड़े, फिर जाके बात आगे बढ़ी। पर अंत अंत तक माने नहीं। चुल्बुलाते हुए एक महिला सांसद पर एक सस्ता शेर फेक दिया। खैर उसका जवाब भी बाद में चुलबुल बाबू को तीखा मिला।

कुल मिलाके, दिन बड़ा की आनंददायक रहा। मुझे लगता है लोकसभा टीवी की टी आर पी सबसे मज़बूत होनी चाहिए।  कौन से चैनेल की सास बहुएँ हमारे संसद की सास बहुओं का सामना करेंगी। कौन टाइगर और कौन गजनी टिकेगा इनके सामने। कौन सचिन और कौन पोंटिंग करेगा मुकाबला (शायद इसीलिए अब क्रिकेट पिच छोड़ के लोकसभा पिच मैं चले). भाई मस्त एंटरटेनमेंट है।

आज फिर रहूँगा संसद में सराबोर.........  

1 comment:

  1. सभी फि‍क्‍सड मैच सा लगता है क्‍योंकि‍ पार्टी लाइन के हि‍साब से बोलता है हर कोई

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